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NEET री-एग्जाम के लिए NTA का बड़ा कदम अब पेपर लीक करना होगा नामुमकिन!

On: May 14, 2026 7:54 PM
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NTA new security arrangements for NEET Re-Exam 2026
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नई दिल्लीNEET Re-Exam 2026: 22 लाख बच्चों का सपना। एक पेपर। और फिर — सब कुछ बर्बाद। 3 मई 2026 को जब NEET UG 2026 हुई, तो किसी ने सोचा भी नहीं था कि कुछ ही दिनों में राजस्थान पुलिस की SOG टीम एक हाथ से लिखा हुआ “गेस पेपर” बरामद करेगी — जिसमें 600 सवाल थे, और उनमें से करीब 120 असली NEET पेपर से हूबहू मिलते थे। जो सवाल बच्चों ने रात भर जागकर तैयार किए, वो पहले से किसी के हाथ में थे।

NTA ने 12 मई को आधिकारिक तौर पर NEET UG 2026 रद्द कर दी। और साथ ही ऐलान किया — री-एग्जाम होगा। सभी 22.79 लाख कैंडिडेट्स के लिए। बिना नई रजिस्ट्रेशन के, बिना एक्स्ट्रा फीस के। लेकिन असली सवाल ये है — इस बार क्या अलग होगा?

पुराने एक्सपर्ट्स OUT, नई टीम IN

NTA ने सबसे पहला और सबसे बड़ा फैसला लिया — जिन विशेषज्ञों ने NEET UG 2026 का पेपर तैयार किया था, उन्हें री-एग्जाम की पेपर सेटिंग से पूरी तरह अलग कर दिया जाएगा। सोचिए जरा — अगर system में कहीं leak हुई है, तो उन्हीं लोगों को फिर से मौका देना कहाँ की समझदारी है?

इसीलिए NTA अब एक बिल्कुल नई, ताजी एक्सपर्ट टीम बनाने की योजना पर काम कर रही है। अलग-अलग विषयों के नए शिक्षक, नए विशेषज्ञ — जो पहले इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहे हैं। गोपनीयता के नियम और भी सख्त होंगे। हर एक्सपर्ट को confidentiality agreement sign करना होगा और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।यह सिर्फ एक administrative बदलाव नहीं है — यह एक मानसिकता का बदलाव है।

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सिर्फ NCERT — और कुछ नहीं

री-एग्जाम के सवाल किसी बाहरी किताब से नहीं, किसी coaching material से नहीं — सिर्फ और सिर्फ NCERT की 11वीं और 12वीं की किताबों से तैयार होंगे।यह उन लाखों बच्चों के लिए राहत की खबर है जो NEET की तैयारी घर पर, सरकारी स्कूल में, बिना महंगी कोचिंग के करते हैं।

सवालों का pattern कुछ ऐसा होगा — basic theory और formulas पर आधारित, concept-based questions जो समझ को परखें, application-based यानी real life से जुड़े, और analytical सवाल जो सोचने की क्षमता को चुनौती दें।मतलब — रट्टा नहीं, समझ। यही NEET का असली मकसद भी था।

वो कमजोर कड़ी जहाँ से टूटा था सिस्टम

2026 में जो हुआ, वो कोई नया नहीं था। 2024 में भी NEET का पेपर लीक हुआ था — Bihar, Gujarat, Maharashtra और Rajasthan से irregularities की खबरें आई थीं। और हर बार एक ही जगह से — प्रिंटिंग और ट्रांसपोर्टेशन का चरण।जब पेपर प्रेस से निकलता है और exam center तक पहुँचता है — उस बीच का सफर सबसे खतरनाक होता है।NTA ने इस बार इसी कमजोर कड़ी पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया है।

Digital Encryption — जब तक पेपर पहुँचे नहीं, किसी को दिखे नहीं

अब पेपर physically नहीं, digitally encrypted format में भेजा जाएगा। मतलब — पेपर की सामग्री एक coded form में रहेगी, जिसे कोई बीच में खोले तो भी कुछ समझ में नहीं आएगा।प्रिंटिंग प्रेस पर पहुँचने के बाद ही उसे decode किया जाएगा — और तब भी पूरी निगरानी में।यह वही तकनीक है जो banking और defense sectors में इस्तेमाल होती है। अब NEET के पेपर को भी वही protection मिलेगी।

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GPS Tracking और Police Escort — पेपर का हर कदम निगरानी में

हर वाहन जो NEET का पेपर ले जाएगा, GPS-tracked होगा। Real-time location monitoring। पुलिस की सुरक्षा टीम साथ चलेगी। और हर checkpoint पर digital और human — दोनों स्तरों पर verification होगी।NTA ने यह भी बताया है कि exam centers पर AI-assisted CCTV cameras और 5G jammers का इस्तेमाल किया जाएगा। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पहले से चल रही है, जो अब और पुख्ता होगी।

पेपर को traceable watermark identifiers से mark किया जाएगा — मतलब अगर पेपर कहीं से भी leak हो, तो उसका source trace किया जा सकेगा।

CBI जाँच — क्योंकि सिर्फ री-एग्जाम काफी नहीं

NTA ने री-एग्जाम का ऐलान किया, लेकिन सरकार ने सिर्फ यहीं नहीं रुकी। केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले को CBI के हवाले कर दिया है।राजस्थान SOG ने Sikar, Kota, Jaipur, Jhunjhunu और Dehradun में कई लोगों को पकड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Nashik के एक आरोपी Shubham Khairnar ने करीब ₹10 लाख देकर पेपर खरीदा था। करीब 150 छात्रों के नाम और 70 अभिभावक जाँच के दायरे में हैं। यह सिर्फ एक exam controversy नहीं — यह एक organized crime है।

NTA का नया चेहरा — नया DG, नई सोच

अप्रैल 2026 में ही NTA को नया Director General मिला — Abhishek Singh, एक IAS अधिकारी जो NIC, India AI Mission, MyGov और Digital India जैसे अनुभवों से लैस हैं। उन्होंने खुद X (Twitter) पर लिखा:”NTA इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि री-एग्जाम से students और उनके परिवारों को तकलीफ होगी। लेकिन इसका alternative — एक compromised exam को valid मानना — और भी बड़ा नुकसान करता।” यह बयान छोटा है, लेकिन इसमें बड़ी जिम्मेदारी का एहसास है।

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Students के लिए अभी क्या करें?

री-एग्जाम की तारीख अभी officially announce नहीं हुई है। लेकिन experts का मानना है कि जुलाई 2026 सबसे संभावित समय है। नई रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं, पुराने exam center ही रहेंगे, और पहले दी गई फीस वापस होगी।

Students के लिए जरूरी बातें:

  • अपना पुराना application number और admit card संभालकर रखें
  • NCERT Biology, Physics और Chemistry पर focus करें
  • किसी भी Telegram channel या WhatsApp group की exam date पर भरोसा न करें
  • सिर्फ neet.nta.nic.in और nta.ac.in से official updates लें

क्या इस बार भरोसा करें?

यही सबसे कठिन सवाल है। 2024 में scandal हुआ — reforms की बात हुई। 2026 में फिर scandal — फिर reforms।लेकिन इस बार कुछ चीजें अलग हैं। CBI जाँच हो रही है। नया DG है जिसका background tech और digital governance में है। 94% exam centers सरकारी संस्थानों में shift हो चुके हैं। Digital encryption और GPS tracking जैसी technologies पहले कभी इस scale पर इस्तेमाल नहीं हुईं। क्या यह काफी है? शायद हाँ। शायद नहीं।

लेकिन 22 लाख बच्चों के पास इंतजार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। और NTA के पास — भरोसा जीतने का एक और मौका। आप क्या सोचते हैं? क्या NTA की यह नई रणनीति NEET को सुरक्षित बना पाएगी? Comment में बताइए — और यह खबर उन students तक जरूर शेयर करें जो री-एग्जाम की तैयारी में जुटे हैं।

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